मंत्री प्रवास पर एसीबी की सलामी.. (शब्द बाण – 152)

मंत्री प्रवास पर एसीबी की सलामी.. (शब्द बाण – 152)

साप्ताहिक व्यंग्य कॉलम शब्द बाण भाग – 152

6 सितम्बर 2026

शैलेन्द्र ठाकुर । दंतेवाड़ा

रिटायर्ड हर्ट होंगे कप्तान??

बीजेपी कप्तान यानि प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंहदेव को आराम दिए जाने की अटकलों के बीच अफवाहों का बाजार गर्म है। यहां तक कि कुछ मीडिया संस्थानों ने संभावित अगले प्रदेशाध्यक्ष का नाम और तस्वीर तक छाप दी। मामला इतना आगे बढ़ा कि भाजपा के मीडिया सेल को आगे आकर इसका खंडन करना पड़ गया। सड़क हादसे में घायल होने की वजह से उनके राजनीतिक मैदान में तत्काल वापसी की संभावना थोड़ी कम जरूर है, लेकिन स्वस्थ होने के बाद फिर से मोर्चा जरूर संभालेंगे, यह बात तय है। क्रिकेट में रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटा घायल खिलाड़ी कभी भी वापस मैदान में लौट सकता है, यह बात युवावस्था में क्रिकेटर रहे प्रदेशाध्यक्ष खुद साबित कर सकते हैं। वैसे, यह संभावना ज्यादा है कि इस अघोषित अवकाश के दौरान राज्य भर में भागदौड़ करने की जगह अपने ही विधानसभा क्षेत्र को ज्यादा वक्त दे पाएंगे। इससे पार्टी के भीतर और बाहर बैठे उनके विरोधियों की राह मुश्किल होगी, क्योंकि किसी भी पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनने वाले विधायक अगले चुनाव में अपनी ही विधायकी बचाने के लिए काफी जद्दोजहद करते दिखे हैं। वजह यह है कि राज्य स्तर का नेता बनने के बाद खुद का ही निर्वाचन क्षेत्र पीछे छूटता चला जाता है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहे मरकाम व बैज को भी अपनी विधायकी से हाथ धोना पड़ा था। अब ऐसे में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अपने मेडिकल लीव का सदुपयोग अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में करेंगे, तो विरोधियों की चिंता निश्चित रूप से बढ़ेगी।
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शिक्षा मंत्री के प्रवास पर एसीबी की सलामी

सुकमा जिले में शिक्षामंत्री के प्रवास पर कई महत्वपूर्ण बातें हुईं। महीनों से खाली रहे डीएमसी के पद पर भी नई पोस्टिंग हो गई और इससे भी बड़ी बात यह कि मंत्री प्रवास के ठीक पहले एसीबी ने छापा मारकर कोंटा बीईओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। रिश्वत की रकम 10 हजार एडवांस बताई गई, जो शिक्षिका के रुके हुए वेतन का एरियर्स भुगतान के एवज में था। वैसे, इस छापामार कार्रवाई को लेकर जितने मुँह उतनी बातें हो रही हैं। कोंटा में बीईओ / बीआरसी के मलाईदार पद के लिए कम्पटीशन इतना तगड़ा रहता है कि दावेदार एक – दूसरे को निपटाने की कोशिश में जी – जान से लगे रहते हैं। खैर, विभागीय मंत्री के प्रवास के ठीक पहले बीईओ के धरे जाने से सिस्टम की पोल तो खुल गई, लेकिन कई विसंगतियां उजागर होने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद भी जागी है। इसके पहले नक्सल दहशत के चलते मंत्रियों का प्रवास इस तरफ कम ही हो पाता था।

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फिर से आई कोरंडम की याद

सरकार ने बीजापुर जिले की कोरंडम खदान को लेकर नया फैसला लिया है, जिसमें सीएमडीसी और रविवि के बीच एमओयू किया गया है। इससे अब तक उपेक्षित रहे खदान के दिन बहुरने की उम्मीदें जागी है।
इससे इसमें दिलचस्पी रखने वालों की बांछे फिर से खिल आई हैं। धुर नक्सल प्रभावित इलाकों से भी कोरंडम तस्करी की खबरें छन छन कर आती थी। साथ ही कोरंडम की तस्करी से लाल हुए लोगों की रईसी की बातें होती थी। लेकिन सलवा जुडूम अभियान शुरू होने के बाद से लंबे समय तक कोरंडम का नामलेवा कोई नहीं बचा था। कोरन्डम से तैयार होने वाले रंग – बिरंगे बेशकीमती माणिक्य को लेकर अब दक्षिण बस्तर, खासकर बीजापुर जिला फिर से सुर्खियों में आने को तैयार हो गया है।

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कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन

सत्ता और विपक्ष की चकरघिन्नी में आम जनता हमेशा कन्फ्यूज रहती है। जब कोई पार्टी विपक्ष में रहती है, तो सरकार की योजनाओं का जमकर विरोध करती है। वही पार्टी सत्ता में आ जाए, तो न सिर्फ सरकार की हर स्कीम का आँख मूंदकर समर्थन करती है, बल्कि उसके पक्ष में अभियान चलाने लगती है। चाहे हसदेव अरण्य काटने का मामला हो, बैलाडीला खनन का, या फिर बोधघाट परियोजना का, ऐसे कई उदाहरण सामने हैं। फिलहाल, ताजा मामला बोधघाट परियोजना के विरोध का है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने प्रभावित क्षेत्र के 56 गांवों के ग्रामीणों की बैठक में हुंकार भरी कि अबकी बार कांग्रेस सरकार आई तो बोधघाट परियोजना का नामोनिशान मिटा देंगे। इस पर भाजपाइयों को यह कहने का मौका मिल गया है कि 4 दशक से ठंडे बस्ते में रही इस परियोजना को पुनर्जीवित करने का ऐलान तो भूपेश सरकार ने ही किया था और श्रेय लेने किताबें भी छपवाई थी। फिर कांग्रेस के लोग ही उसका नामोनिशान मिटाने की बात कैसे कर सकते हैं। भाजपाइयों के इस तार्किक दांव की काट फिलहाल कांग्रेस के पास नहीं दिख रही है। दरअसल, भूपेश सरकार के कार्यकाल में ही बोधघाट परियोजना को पुनर्जीवित करने वेपकोस को सिर्फ नए सिरे से सर्वे के लिए करोड़ों की मंजूरी दी गई थी।

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फिल्मी स्टाइल में दबोचा गया बदमाश 

संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तार कर काफी सुर्खियां बटोरी। पड़ोसी राज्य ओड़िशा के पुलिस कर्मियों ने बदमाश की कनपटी पर पिस्तौल टिकाकर गिरफ्तार किया तो देखने वालों का हुजूम लग गया। गनीमत है कि पुलिस ओड़िशा की निकली, और उस हिस्ट्रीशीटर को जीवनदान मिल गया, वह भी ऐसे बदमाश को, जो पुलिस पर ही 5 राउंड फायर कर भाग आया था। ओड़िशा की जगह यूपी वाली पुलिस होती तो उंगलियाँ ट्रिगर को दबा चुकी होती या फिर किसी और तरीके से परलोक सिधारने का टिकट कट गया होता। खैर, ऐसी कार्रवाइयों से बदमाशों में पुलिस और कानून का खौफ भी कायम होने लगा है। टीवी पर सर्फ एक्सेल वाली मैडम तो कहती ही है कि अगर दाग़ लगने से कुछ अच्छा होता है, तो दाग़ अच्छे हैं
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झीरम पर रार, सियासत जोरदार

बहुचर्चित झीरम घाटी कांड पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने अभियोजन पेश करने के मामले में जांच एजेंसी और सरकार की नीयत पर संदेह जताते कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें बड़े नामचीन नक्सलियों को छोड़ कर छोटे मोहरों की गिरफ्तारी के आरोप भी शामिल हैं। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने पलटवार करते कहा कि जितने नक्सलियों की गिरफ्तारी हो पाई, उनका ही ट्रायल हो पाया है। बाकी नामजद आरोपियों पर भी ट्रायल चलेगा। ऐसे गंभीर मामलों के आरोपियों को बचाने का अधिकार सरकार के पास भी नहीं है। कुल मिलाकर मामला अभी और गरमाएगा।
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युवा आयोग के कार्यक्रम में भाजपाई ही उपेक्षित
युवा आयोग अध्यक्ष के कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने से भाजपाई नेता उपेक्षित महसूस करते नजर आए। दक्षिण बस्तर के विभिन्न जिलों में उनका प्रवास था। ज्यादातर कार्यक्रमों में कुछेक युवा मोर्चा नेता ही साथ नजर आए। युवा संवाद के कार्यक्रम ‘उड़ान’ में सीनियर भाजपा नेताओं ने दूरी बनाए रखी। सरकारी कार्यक्रम होने की वजह से प्रशासन की अपनी बाध्यता थी, लेकिन पार्टी के भीतर ही तालमेल के अभाव में पार्टी नेताओं से संवाद नहीं हो सका। कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर ज्यादातर नेता अनभिज्ञता जाहिर करते रहे।
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4 thoughts on“मंत्री प्रवास पर एसीबी की सलामी.. (शब्द बाण – 152)“

  1. बेबाक पत्रकारिता समय की मांग है। आपका प्रत्येक अंक बेहतरीन है एवं सरकार को आईना दिखाती है। यही निष्पक्षता और बेबाकी से अपना काम जारी रखें।
    शुभकामनाएं 💐💐

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